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विकास के मुद्दे धरे रह गये लफ्फाजी और गाली मे...

Posted On: 11 Jan, 2016 Others में

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विकास के मुद्दे धरे रह गये लफ्फाजी और गाली मे…

कभी जब नितांत अकेली होती हूँ तो मैंने अपने हिन्दुस्तान की आवाज सुनी है। मेरा दुखी मन व्यथित और विचलित हो उठता है अक्सर मेरे कानों में एक ही आवाज़ गूंजती है कि वो दिन कब आएगा जब इस देश से भ्रष्टाचार और गरीबी की जड़ें जड़ से उखड जाएँगी l
हमारा भारत पाक और पवित्र है, वो इसलिए कि इस देश में ऐसे वीर पैदा हुए जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए हुए इस देश को आजादी का तोहफा दिया l लेकिन आज के हालत इसके ठीक उलट हैं.
आज के समय में “नेता” शब्द इतना बदनाम हो गया है कि इसे सुनने मात्र से ही मन घृणा से भर जाता है क्यूंकि जो नेता सेक्युलरिज़्म की वकालत करते नज़र आते है वही जातिवाद की राजनीति करते भी नज़र आते है फिर किस बात की सेक्युलरिज़्म l जब आप देश को छलनी करने की राजनीती करते हुए जातिवाद को बढ़ावा देते है।
नेता यानि लीडर और लीडरशिप  यानी नेतृत्व करना l लीडर एक ऐसा शब्द है जिसके नाम को सुनते ही सफ़ेद कपड़ों में लिप्त एक लिजलिजा पदार्थ जो जिसके हाथ लग जाए तो छोड़ देता है एक ऐसा दाग जिसके लगने पर कालिख ही नजर आती है और वही लीडरशिप  एक ऐसा शब्द है जो जेहन में आते ही राजनीतिज्ञ अथवा राजनीती का बोध कराता है परन्तु वास्तव में ऐसा नहीं है |इसका दायरा असीमित है
एक अच्छा शासक या नेता बनने के लिए अपने व्यक्तित्व व स्वभाव को इतना सरल और सहज बनाकर रखना चाहिए जिससे कोई भी व्यक्ति बेझिजक आपसे संपर्क कर सके l क्योकि कई बार देखा जाता है क़ि व्यक्ति का विराट व्यक्तित्व ही उसकी नेतृत्व छमता को प्रभवित करता है | अच्छे लीडर का सबसे बड़ा गुण होता है कि आपका नेत्रित्व भी प्रभावशाली होना चाहिए l नेता बनने पर जब आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी तो उस समय आपकी जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है  क्योकि आवाम की आपसे अपेक्षाये भी बढ़ जाती हैं l इसलिए जब इन्हीं दलों को पूरे पांच साल काम करने का मौका मिलता है, उस दौरान ये इन वादों पर अमल क्यों नहीं करते ? वायदों का पिटारा ऐन चुनाव के वक्त ही खोलना क्या इस बात का परिचायक नहीं है कि यह लालच अथवा कवायद मतदाता को घूस देने की कोशिश करके अपना उल्लू सीधा करना भर है। ये नेता अपनी राजनीति की दुकान चमकाने के लिए हमारे धर्म और मज़हब को बदनाम करने मे लगे हैं l
ये सत्य है कि जनता ही अपने शासक को चुनती है । क्यूंकि आज हमारे देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में नागरिकों के कंधों पर यह जिम्मेदारी है कि वे योग्य और होनहार व्यक्ति को सरकार की जिम्मेदारी संभालने के लिए चुनें। आजादी के बाद अब तक हुए चुनावों में देश की जनता ने अपने शासक चुनने में अक्सर गलती ही की है l हरबार बड़बोले और दंभी नेताओं को ही आमतौर पर लोगों का समर्थन हासिल हुआ है l
आज के नेताओं के तो क्या कहने l इनकी हर रैली में जातियों के नाम पर दिए गए भाषण उत्प्रेरक होते है जातियों के नाम पर वोट पाने के लिए एक-दूसरे के आगे निकलने की होड़ मची रहती है l सबसे आश्चर्यजनक बात तो ये लगती है कि इनके भाषणों को सुनकर जनता जमकर तालियां बजाती है। नेता भी इन तालियों को मतों से जोड़कर देख लेते हैं। और आवाम देश के विकास, विधि-व्यवस्था की बिगड़ती हालत, महंगाई और भ्रष्टाचार को भूलकर इनकी हाँ में हाँ मिलाती हैl चुनावी समर में उतरने से पहले तकरीबन सभी राजनीतिक दल देश की तस्वीर बदलने के वादे के साथ लोकतांत्रिक शुचिता की बात करते हुए दिखाई देते हैं लेकिन मतदान की तारीखें करीब आते ही उनके सुर बदल जाते हैं l चुनावों की इस प्रतिष्ठा की लड़ाई में सारे आदर्श और सारे सिद्धांत भुला दिए जाते हैं और सभी दल विजयी होने के लिए हर पैंतरा आजमाते हैं। हमेशा से भारत का दुर्भाग्य रहा है कि नेताओ को सत्ता चाहिए, देश का विकास नही.वो कहते हैं कि…..

सिसक रहा है देश…

सिसक रहा है देश दलों की, घटिया गुटबाजी में
सरकारी ओहदे बिक जाते, रात की राम जुहारी में

इक हूक उठी लाचारी में, नेता व्यस्त  दलाली मे
अच्छे अच्छे औंधे हो गये, लोकतंत्र की रखवाली मे
सीधे साधे भ्रमित हो गये, संसद के गलियारे में
विकास के मुद्दे  धरे रहे, लफ्फाजी और गाली मे

हर थाने में आका बैठे, जुर्म की खुला बाजारी में
बड़े बड़े हैं भरते पानी,  कोतवाली  की चारदिवारी मे
मेहनत की रोटी भी झूठी, नोटों की झलकारी में
निर्धन की रोटी रखी है, धनवानों की थाली में

इंसानी जमीर बह गया, भ्रष्टाचार की नाली में
झूठी हमदर्दी दिखलाकर, नेता करे है छेद थाली में
सोने की कुर्सी की खातिर, चले जुबान गाली में
अच्छे नेता भौंडे हो गये, कुर्सी की दलाली में…………..

इन हालातों को देखते हुए सरकार को चाहिए वो ऐसे काम करे जिनसे आम-आदमी को राहत मिले। l
मेरा देश के जागरूक नागिको से अनुरोध है ऐसे नेताओ का पर्दाफाश करे इनको देश की बहुसंख्यक पावर दिखाए, सेक्युलरिज़्म का सच्चा पाठ पढ़ाये। हमारा नेता ऐसा हो जो जनता का दर्द समझ सके,
जाति मजहब से परे हटकर कार्य करने वाला हो l व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति की बजह से वो राजनीति में ना आया हो बल्कि समाज सेवा ही उसका मकसद होना चाहिए l  शिक्षित होने के साथ साथ वह शिक्षा और स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रति समर्पित हो और जनता की सेवा को अपना धर्म और कर्म मानते हुए देश और समाज के उत्थान के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाला हो l अपने बच्चो को सरकारी स्कूल में इमान  के पैसे से पढ़ाता हो, चोरी और बेईमानी को मन से जो पाप मानता हो इसके साथ ही देश और देशवासियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता होनी चाहिये…….
सुनीता दोहरे
प्रबंध सम्पादक
इण्डियन हेल्पलाइन न्यूज़

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18 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

juranlistkumar के द्वारा
February 25, 2016

आदरणीया सुनीता दोहरे जी ! सार्थक और विचारणीय लेखन तथा ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक ‘ चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई !

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    February 25, 2016

    ….. juranlistkumar जी ….. बहुत -बहुत धन्यवाद आपका ! सादर नमस्कार

jlsingh के द्वारा
January 24, 2016

आदरणीया सुनीता दोहरे जी, बेस्ट ब्लोग्गर ऑफ़ थे वीक चुने जाने के लिए आपको बधाई! बाकी आपने सभी बातें सही लिखी है. जनता अपना निर्णय सुनती है बीच बीच में नेता बदलती है लेकिन जब उनसे भी कुछ हाथ नहीं लगता तो हाथ मलते रह जाती है. जहाँ तक सेक्युलरिस्म, जातिवाद, सम्प्रदायवाद का सवाल है उससे आज कोई भी दल या नेता अछूता नहीं बचा. आप भी समझती होंगी इसीलिए शायद आपने किसी का नाम नहीं लिया सादर!

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 26, 2016

    आदरणीया jlsingh जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद … सादर प्रणाम …..

Dr S Shankar Singh के द्वारा
January 22, 2016

आदरणीया , सादर नमस्कार . बेस्ट ब्लागर चुने जाने पर आहूत बहुत बधाई . हिन्दुओं से ज़्यादा कोई भी सेक्युलर नहीं हो सकता है . सभी धर्मों को ..सम्मानपूर्वक देखना, सहिष्णुता , हिन्दू धर्मके अभिन्न अंग hain. धन्यवाद

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 26, 2016

    Dr S Shankar Singh जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद … सादर प्रणाम …..

sadguruji के द्वारा
January 22, 2016

आदरणीया सुनीता दोहरे जी ! सार्थक और विचारणीय लेखन तथा ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक ‘ चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई !

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 26, 2016

    आदरणीय sadguruji जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद … सादर प्रणाम …..

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 22, 2016

    डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद … सादर प्रणाम …..

rameshagarwal के द्वारा
January 21, 2016

जय श्री राम सुनीताजी आज कल देश में चर्च साजिस के तौर मोदीजी की सरकार को अस्तिर करने में लगे इसीलिये सेकुलरिज्म के नाम पर दलित मुस्लिम की राजनीती करके असहिष्णुता की आवाज़ उठाना और अवार्ड वापस करने की राजनीत हुई पर मालदा और पूर्णिमा की हिंसक घटनाओ पर चुप.सबसे खतरनाक खेल कांग्रेस केजरीवाल और नितीश खेल रहे और इंग्लिश मीडिया और कुछ टीवी चैनल सरकार विरोधी कार्य में लगे मोदीजी को समर्थन बहुत ज़रूरी

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 22, 2016

    rameshagarwal जी बहुत-बहुत आभार आपका … सादर नमन ..

rameshagarwal के द्वारा
January 21, 2016

जय श्री राम सुनीताजी बहुत अच्छा और सटीक लेख देश की इस दुर्दशा की शुहरात मैकाले ने की थी जब उसने शिक्षा पद्धति को बदल दिया और दुर्भाग्यवश नेहरूजी और कोइंग्रेस ने कुछ नहीं किया सेकुलरिज्म मने हिन्दू विरोध आको बहुत साध्वाद इस विषय पर हंमे बहुत कुछ अपने लेखो में लिखा साधुवाद.

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 22, 2016

    rameshagarawal जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद … सादर प्रणाम …..

Jitendra Mathur के द्वारा
January 21, 2016

ऐसे नेता तो आज मिलने दुर्लभ ही हैं सुनीता जी जैसे आपने अंतिम अनुच्छेद में इंगित किए हैं । लेकिन आपके विचार सटीक और स्तुत्य हैं । ईश्वर करे कि स्वच्छ चरित्र वाले कर्मठ नागरिक राजनीति में आएं नमामि गंगे की भांति नमामि राजनीति अभियान भी लय पकड़े ।

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 22, 2016

    jitendar mathur जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद … सादर प्रणाम …..

sadguruji के द्वारा
January 13, 2016

“जो नेता सेक्युलरिज़्म की वकालत करते नज़र आते है वही जातिवाद की राजनीति करते भी नज़र आते हैं, फिर किस बात की सेक्युलरिज़्म ? आदरणीया सुनीता दोहरे जी बिलकुल सही कहा है आपने ! सादर आभार !

    sunita dohare Management Editor के द्वारा
    January 13, 2016

    sadguruji ji, सादर नमस्कार आपका बहुत बहुत धन्यवाद


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